विजेता छात्राओं को मिला पुरस्कार, प्राचार्य पर लगे जातिसूचक शब्दों के प्रयोग के आरोप पर भड़के कार्यकर्ता, आंदोलन की दी चेतावनी बक्सर खबर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नगर इकाई द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर शहर में दो अहम कार्यक्रम आयोजित किए गए। एक ओर जहां स्वामी विवेकानंद मेहंदी प्रतियोगिता सह पुरस्कार वितरण समारोह के माध्यम से छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान किया गया, वहीं दूसरी ओर केदारनाथ सिंह महाविद्यालय में दलित छात्र के साथ कथित हिंसा एवं जातिसूचक शब्दों के प्रयोग के विरोध में कॉलेज प्रशासन और प्रधानाचार्य का पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया गया। स्वामी विवेकानंद मेहंदी प्रतियोगिता सह पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता विराज सिंह ने की, जबकि संचालन आदित्य गुप्ता ने किया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ एमवी कॉलेज परिसर में उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. अमृत राज ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की असली ताकत है और ऐसे आयोजन युवाओं की रचनात्मक सोच को नई दिशा देते हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला संयोजक अविनाश पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित यह प्रतियोगिता छात्राओं में रचनात्मकता, सांस्कृतिक मूल्यों एवं आत्मविश्वास को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है। वहीं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पूनम सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों से प्रेरित इस प्रकार के आयोजनों से युवाओं को अपनी कला निखारने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। पुरस्कार वितरण की घोषणा अनुराधा दुबे द्वारा की गई। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार सूजी कुमारी, द्वितीय पुरस्कार नेहा कुमारी तथा तृतीय पुरस्कार प्रीति कुमारी को प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में नगर मंत्री अभिषेक गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर खेलो भारत सह संयोजक मनीष सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अभिनंदन मिश्रा सहित राहुल कुमार, संजीत यादव, हिमांशु कश्यप, आदित्य सिंह, नंदन कुमार, शुभांकित पांडेय, निर्भय ओझा, नीतीश पटेल समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दूसरी ओर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा केदारनाथ सिंह महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर दलित छात्र के साथ प्राचार्य द्वारा कथित हिंसा एवं जातिसूचक शब्दों के प्रयोग के विरोध में कॉलेज प्रशासन और प्रधानाचार्य का पुतला किया गया। पुतला दहन के पश्चात आक्रोश सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए जिला संयोजक अविनाश पांडेय ने कहा कि जब देश में समरसता की बात हो रही है, तब शिक्षा के मंदिर में जाति के आधार पर गांव, गरीब, किसान और मजदूर वर्ग से आने वाले छात्रों के साथ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा दिलवाने के लिए विद्यार्थी परिषद निर्णायक आंदोलन करेगी। सभा में मनीष कुमार ने कहा कि शिक्षा के मंदिर में इस प्रकार का कृत्य सभी छात्रों को शर्मसार करने वाला है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर विराज कुमार, संजीत यादव, प्रियांशु शुभम, आदित्य कुमार, दिव्यांशु, नंदन कुमार, मनजीत कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




































































































