– 63 लाख में हुआ था सौदा, चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत
बक्सर खबर। जमीन के दलालों का चौंकाने वाला गोरख धंधा सामने आया है। जिस भूमि का हिस्सा पहले ही किसी और को बेचा जा चुका था। उसे किसी और को बेच दिया। इतना ही नहीं किया। रजिस्ट्री के उपरांत उसका दाखिल खारिज कराकर पेपर भी संबंधित खरीदारों को थमा दिया। लेकिन, खरीदार जब जमीन की घेराबंदी करने पहुंचे तो वहां कुछ और लोग आ धमके। यह मामला है महदह मौजा का। जमीन इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप स्थित है। शिकायतकर्ता एक ही परिवार के तीन लोग हैं। जिन्होंने 63 लाख रुपये में साढ़े चार कट्ठा जमीन खरीदी थी। इसकी शिकायत नगर थाने में बड़ी की मशक्कत के बाद चार दिसंबर 25 को दर्ज हुई।शिकायत करने वालों में नीतू द्विवेदी, निशा कुमार व कविता उपाध्याय हैं। इन तीनों के पति भाई हैं।
प्राथमिकी में यह बताया गया है कि महदह के ही रहने वाले रत्नेश कुमार सुमन के माध्यम से योगेन्द्र सिंह के साथ सौदा तय हुआ। जो समाहरणालय रोड में रहता है। यह भूमि राम दयाल सिंह व योगेन्द्र सिंह के नाम है। सौदे के वक्त सुमन के अलावा योगेन्द्र सिंह व अनिल कुमार सिंह मौजूद थे। इन लोगों ने लगभग 60 प्रतिशत राशि ग्रीन इंडिया के नाम की कंपनी खाते में लिया और शेष राशि नकद प्राप्त की। सबका प्रमाण हमारे पास है। भुगतान के उपरांत जमीन की रजिस्ट्री हुई और उसका दाखिल खारिज भी हमारे नाम करा दिया गया। लेकिन, कब्जे के वक्त पता चला एक और खरीददार हैं। अभय नारायण राय जिन्होंने उस साढ़े चार कट्ठा में से ढाई कट्ठा जमीन पूर्व में ही खरीद रखी है और उसका भी दाखिल खारिज हो चुका है।
दोनों पक्षों में लंबे समय तक समझौते का प्रयास चला। कहीं इधर-उधर करके जमीन की पूर्ति हो जाए। लेकिन, बात बनी नहीं। इस सिलसिले में इन तीनों महिला खरीदारों ने आरोपी बनाए गए लोगों को नौ अप्रैल 25 के डेट में वकालत नोटिस भेजा। लेकिन, उसका कोई जवाब मिला नहीं। अंतत: मामला थाने पहुंचा। जिसमें जमीन के भू स्वामियों और धंधेबाज के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई। लेकिन, प्राथमिकी के बाद भी खाता नंबर 812 खेसरा 2485 का यह मामला जस का तस बना हुआ है। तीन वर्ष पहले जिस जमीन की रजिस्ट्री हुई थी। अब उसका हल कब निकलेगा। कहा नहीं जा सकता। इस केस ने एक और सवाल खड़ा किया है। एक ही जमीन का दो बार दाखिल खारिज किस तरह कराया गया। क्या इन सबकी कलई खुलेगी। इस तरह का धंधा करने वालों के खिलाफ प्रशासन कठोर कार्रवाई करेगा। इन सवालों के जवाब अभी भविष्य के गर्भ में हैं।



























































































