जिला परिषद अध्यक्ष सरोज देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, 11 पार्षदों ने खोला मोर्चा

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भ्रष्टाचार और मनमानी का आरोप लगाकर डीडीसी को सौंपा पत्र, फ्लोर टेस्ट की मांग                                   बक्सर खबर। जिला परिषद की राजनीति में उस वक्त उबाल आ गया जब परिषद के ग्यारह सदस्यों ने वर्तमान अध्यक्ष सरोज देवी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव का बिगुल फूंक दिया। सोमवार को पार्षदों ने बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 की धारा 70(4)(1) के तहत एक औपचारिक पत्र डीडीसी सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी निहारिका छवि को सौंपकर अध्यक्ष के प्रति अविश्वास प्रकट किया और विशेष बैठक बुलाने की मांग की। अविश्वास प्रस्ताव के लिए सौंपे गए एजेंडे में अध्यक्ष की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

पत्र में मुख्य रूप से सदस्यों का आरोप है कि अध्यक्ष ने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए पार्षदों के अधिकारों का हनन करते हुए स्कूलों में लाइब्रेरी और फर्नीचर आपूर्ति में मनमानी की है। आरोप है कि जिला परिषद की सामान्य बैठकें तीन महीने के अनिवार्य अंतराल पर आयोजित नहीं की जा रही हैं। सदस्यों ने दावा किया है कि प्रोसीडिंग बुक में सदस्यों के सवालों को हटाकर अपनी इच्छानुसार तथ्य अंकित किए जा रहे हैं। योजनाओं के चयन में पार्षदों के साथ भेदभाव करने और अपने चहेते क्षेत्रों में भारी राशि आवंटित करने का भी आरोप लगा है।हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों का कहना है कि अध्यक्ष सदन का विश्वास खो चुके हैं। पत्र पर रीना कुमारी, अरविन्द प्रताप शाही, पूजा देवी, विद्या भारती, आरती देवी, अशोक राम, मौली देवी, कमलवाश कुंवर, सहाना खातुन, कुशुम देवी समेत कुल ग्यारह सदस्यों की सहमति बताई जा रही है।

इस अविश्वास प्रस्ताव की प्रतिलिपि जिलाधिकारी को भी सूचनार्थ भेजी गई है। अब गेंद प्रशासन के पाले में है कि वह इस पत्र के आलोक में फ्लोर टेस्ट के लिए विशेष बैठक की तिथि कब निर्धारित करता है। इस घटनाक्रम के बाद अब जिले की राजनीति में जोड़-तोड़ का खेल शुरू होने की संभावना है। देखना यह होगा कि अध्यक्ष अपनी कुर्सी बचा पाते हैं या परिषद को नया नेतृत्व मिलता है।

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