‌‌‌गुरू गरम हैं : शहर में ढूंढे नजर नहीं आ रहे इंजीनियर

0
613

-बक्सर खबर। काम जो जमीन पर हो रहा है। उसकी देखरेख के लिए सरकार ने हर जगह किसी जवाबदेह को तैनात किया है। सामान्य शब्दों में कहें तो इंजीनियर। वह चाहे सहायक हो अथवा अनुबंध का। लेकिन, यह रहते कहां हैं, जांच क्या करते हैं, क्या यह अपनी साइट पर जाते भी हैं। अगर जाते हैं तो किसी को नजर क्यों नहीं आते। अगर जाते भी हैं तो क्या इनको कहीं कमी नजर नहीं आती? अगर नहीं आती तो अपना देश जल्द ही भ्रष्टाचार मुक्त होने वाला है।

इस बात पर आप सभी को विश्वास करना होगा। अगर नहीं हो रहा तो यह आप जान लें, भ्रष्टाचार में इन सभी का योगदान किसी से कम नहीं। यहीं बातें सोच गुरू का माथा गरम है। अगर हम सभी का ध्यान इस तरफ नहीं जाता तो हमारा क्या है ‘‘घंटा’। अगर लूट पर अगर नकेल लगाना कोई नहीं चाहता तो अपना क्या। लेकिन, जमीन कोसना शुरू कर देता है। क्या हम भारतीय नागरिक होने का कर्तव्य निभा रहे हैं। यही सोच गुरू का दिमाग भट्ठा हुआ जा रहा है। (गुरू गरम है: बक्सर खबर का साप्ताहिक कॉलम है। जो सोमवार को प्रकाशित होता है। इसमें हम सामाजिक चर्चा के विषयों को प्रकाशित करते हैं।)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here