बक्सर खबर । समान काम-समान वेतन मामले में आज मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। हालांकि कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका और कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 12 जुलाई की तिथि मुकर्रर कर दी। नियोजित शिक्षकों की तरफ से दायर समान काम-समान वेतन के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल और रोहिंगटन फली नरीमन के समक्ष सुनवाई हुई। बिहार सरकार के वकीलों ने दलील रखी कि केन्द्र सरकार पर्याप्त सहयोग नहीं कर रही है। लिहाजा राज्य सरकार समान काम के बदले समान वेतन देने में सक्षम नहीं है। सरकार एक विशेष परीक्षा लेकर इसमें उत्तीर्ण होने वाले शिक्षकों के वेतन में अधिकतम 30% वेतन वृद्धि करने को राजी है।
यह दलील सुनने के बाद न्यायाधीश नरीमन ने सरकारी वकीलों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि एक ही विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षकों के वेतन में अंतर शर्मनाक है। सरकार को समान वेतन देना होगा। केन्द्र सरकार राज्य सरकार को इस मामले में पर्याप्त सहयोग करे। फिर केन्द्र सरकार की ओर से ए एस जी ने एरियर एवं केन्द्रांश के लिये समय मांगा। कोर्ट समय देने पर राजी हो गया और अगली सुनवाई के लिए 12 जुलाई की तिथि निर्धारित की।


































































































