204.95 करोड़ की परियोजना से 5630 हेक्टेयर भूमि को मिलेगा सिंचाई का लाभ बक्सर खबर। जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मलई बराज योजना को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार को जिलाधिकारी साहिला ने मलई बराज योजना स्थल का निरीक्षण कर कार्य प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। जिले के अंतर्गत उद्वह सिंचाई योजना सहित मलई बराज योजना (द्वितीय पुनरीक्षित) के निर्माण के लिए कुल 20495.64 लाख रुपये यानी 204 करोड़ 95 लाख 64 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है। यह परियोजना जिले की सिंचाई व्यवस्था को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है।
निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता सिंचाई प्रमंडल ने डीएम को बताया कि काव नदी में जल संचयन कर लिफ्टिंग पद्धति से भोजपुर कैनाल और केसठ-3 डिस्ट्रीब्यूशन में पानी पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही केसठ-4 डिस्ट्रीब्यूशन में विभाग द्वारा कराए जाने वाले अर्थ रिमूविंग कार्य की भी जानकारी दी गई। फिलहाल चौंगाई, ब्रह्मपुर, केसठ और नावानगर क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मलई बराज परियोजना के पूरा होने के बाद केसठ-3 वितरणी और भोजपुर वितरणी के अंतिम छोर तक पानी पहुंच सकेगा। इससे चौंगाई, ब्रह्मपुर, डुमरांव, केसठ और नावानगर प्रखंड की करीब 5630 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा फिर से बहाल हो जाएगी और किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। डीएम साहिला ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मलई बराज परियोजना का कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि किसानों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।































































































