गंगा किनारे अवैध खनन से कई गांवों को खतरा

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– सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रमुख ने लिखा डीएम को पत्र
बक्सर खबर। गंगा किनारे अवैध खनन से कई गांवों के लिए खतरा पैदा हो गया है। सामाजिक लोगों ने प्रशासन को आगाह किया है। अगर इस पर समय रहते रोक नहीं लगी तो भोजपुर के जवइनीया गांव वाली स्थिति पैदा हो सकती है। जहां बाढ़ के समय गंगा के कटाव से एक पूरा गांव बर्बाद हो गया। सूचना के अनुसार इसकी मुख्य वजह से कोइलवर तटबंध पर सड़क का निर्माण। जोखिम इस मार्ग के बनने से नहीं। निर्माण कार्य में लगी एजेंसी के अवैध खनन से है। फिलहाल तीन-चार गांवों से ऐसी शिकायत मिल रही है। अहिरौली, उमरपुर, केशोपुर, मझरियां के समीप किनारे से मिट्टी और सफेद बालू निकालने के कारण गहरा कटाव हुआ है। ऐसे गड्ढे बाढ के समय धंसते हैं और आस-पास की मिट्टी उसमें समा जाती है। इससे कटाव मैदानी हिस्से में बढ़ता चला जाता है।

पिछले कुछ दसक में इन गांवों की सैकड़ों बीघा जमीन गंगा कटाव की भेंट चढ़ चुकी है। एक बार फिर वैसी ही स्थिति पैदा होती नजर आ रही है। वहीं दूसरी तरफ विभागीय सूत्रों का कहना है। अधिकारियों को जांच दी गई है। खनन विभाग को भी नोटिस हुआ है। लेकिन, सब कुछ झोल-झाल वाली पहल है। कटाव की शिकायत बक्सर अंचल के गांवों से आई है। जवाब सिमरी के अंचल अधिकारी से मांगा गया है। यह दर्शाता है कि कितनी लापरवाही बरती जा रही है। सदर प्रखंड प्रमुख फुलमातो देवी ने जो पत्र जिलाधिकारी को लिखा है। जिसमें दर्शाया गया है कि तटबंध पर सड़क का निर्माण करने वाली एजेंसी बांध को मजबूत बनाने में अनियमितता बरत रही है। सड़क के लिए बांध की ऊंचाई कम नहीं करनी। लेकिन, उसे भी काट कर समतल बनाया जा रहा है। प्रशासन को इस पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।

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