48 घंटों से भीषण ठंड का कहर, स्थानीय लोग बने राहगीरों का सहारा बक्सर खबर। जिला इन दिनों भीषण शीतलहर की चपेट में है। पिछले 48 घंटे से हाड़ कंपा देने वाली ठंड ने जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह देर तक घना कोहरा छाया रहता है तो शाम ढलने से पहले ही तेज ठंडी हवाएं चलने लगती हैं। हालात ऐसे हैं कि शहर की सड़कें और बाजार समय से पहले ही वीरान हो जा रहे हैं। ठंड का सितम ऐसा है कि इंसान और जानवर के बीच का फर्क भी मानो मिट गया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में जलते अलाव के पास जहां ठिठुरते लोग हाथ सेंकते नजर आ रहे हैं, वहीं आवारा कुत्ते भी आग की गर्माहट लेने पहुंच जा रहे हैं। कुछ देर राहत लेने के बाद लोग और जानवर फिर अपने-अपने रास्ते पर निकल पड़ते हैं। यह नजारा गुरुवार सुबह से लेकर शाम तक ठठेरी बाजार, खलासी मोहल्ला, ज्योति प्रकाश चौक, पीपी रोड सहित कई स्थानों पर देखने को मिला।
स्थानीय रवि शंकर जायसवाल और सुरेश गुप्ता ने बताया कि पहले प्रशासन की ओर से चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की गई थी, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से लकड़ी नहीं पहुंच रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों के सहयोग से ही सड़क किनारे अलाव जलाए जा रहे हैं, ताकि राहगीरों को कुछ राहत मिल सके। इधर, ठंड को देखते हुए नगर परिषद बक्सर ने बुधवार से ही शहरी क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों के बीच बड़ी संख्या में कंबल वितरण शुरू कर दिया है। वहीं रेड क्रॉस सोसाइटी और जिला प्रशासन की ओर से भी जल्द ही व्यापक स्तर पर कंबल वितरण किया जाएगा। इसके लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।































































































