अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सदर प्रखंड में मांग दिवस आयोजित बक्सर खबर। अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के 18वें राष्ट्रीय सम्मेलन शिर्डी में संपन्न होने के बाद पारित प्रस्तावों के आलोक में गुरुवार को जिले में मांग दिवस मनाया गया। महासंघ के आह्वान पर पूरे देश के जिलों में 26 फरवरी को मांग पत्र समर्पित करने का निर्णय लिया गया था। इसी क्रम में सदर प्रखंड मुख्यालय पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी 10 सूत्री मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व जिला मंत्री अरुण कुमार ओझा, विजय तिवारी एवं मनोज चौधरी ने संयुक्त रूप से किया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने विशेष रूप से पुरानी पेंशन योजना की बहाली को कर्मचारियों का अधिकार बताते हुए इसे लागू करने की मांग दोहराई।
वक्ताओं ने मांग पत्र के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए तथा आउटसोर्सिंग और दैनिक वेतनभोगी व्यवस्था को समाप्त किया जाए। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना की बहाली, चारों श्रम संहिताओं को निरस्त करने, आठवें वेतन आयोग में संशोधन कर प्रत्येक पांच वर्ष पर वेतन आयोग के गठन की मांग उठाई गई। कर्मचारी नेताओं ने यह भी मांग की कि कर्मचारियों एवं पेंशनरों सहित सभी संविदा कर्मियों के लिए सरकारी सहयोग से व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वापस लेने, कोरोना काल के लंबित देयों का भुगतान करने, संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता को बनाए रखने एवं सांप्रदायिकता के विरुद्ध संघर्ष को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। प्रदर्शन में महावीर पंडित, कुंदन झा, निर्मल कुमार, नागेश दत्त पांडेय, चंचल दुबे सहित अनुसूचित कर्मचारी संघ के कई सदस्य उपस्थित रहे।

































































































