शव लेकर स्टेशन रोड जाम, आगजनी और नारेबाजी, जेल अधीक्षक व जेलर पर प्राथमिकी दर्ज बक्सर खबर। सेंट्रल जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत के बाद शुक्रवार की देर शाम शहर में जनाक्रोश फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने स्टेशन रोड स्थित ज्योति प्रकाश चौक को आगजनी कर जाम कर दिया। शाम करीब 6 बजे से 8:30 बजे तक लगभग ढाई घंटे यातायात पूरी तरह ठप रहा। मृतक की पहचान राजेंद्र कुमार सिंह पिता–केदार सिंह, निवासी विराट नगर आईटीआई रोड के रूप में हुई है। वे नगर थाना कांड संख्या 86/2026 में शराब बेचने के आरोप में 12 फरवरी को गिरफ्तार कर केंद्रीय कारा में बंद थे। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि बंदी को मृत अवस्था में लाया गया था। इधर, केंद्रीय कारा प्रशासन ने परिजनों को सूचना दी कि उनकी तबीयत खराब है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजन जब अस्पताल पहुंचे तो वहां शव लावारिस हालत में पड़ा था। आरोप है कि उस समय जेल प्रशासन का कोई अधिकारी या पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मृतक के शरीर पर गाल, गर्दन, छाती और पेट सहित कई जगहों पर चोट के निशान थे। यह देखते ही अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। मौके पर पहुंचे सदर एसडीपीओ गौरव कुमार पांडेय और नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने स्थिति को संभाला और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। परिजनों की मांग पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों से एक कागज पर हस्ताक्षर कराने की कोशिश की गई, जिसमें जॉन्डिस से पीड़ित बंदी की अचानक मौत का जिक्र था। इस पर परिजन और मौजूद लोग भड़क उठे। इसके बाद शव लेकर हजारों की संख्या में लोग स्टेशन रोड स्थित ज्योति प्रकाश चौक पहुंचे और सड़क जाम कर दी। लोगों ने केंद्रीय कारा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आगजनी की। सूचना पर सदर एसडीओ अविनाश कुमार और एसडीपीओ गौरव कुमार पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से वार्ता शुरू की। आक्रोशित लोगों ने मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा और जेल अधीक्षक ज्ञानिता गौरव व जेलर राघवेंद्र सिंह के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग रखी। परिजनों के आवेदन पर संबंधित थाने में केंद्रीय कारा के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। अधिकारियों ने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद देर रात जाम समाप्त हुआ।

मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि दो दिन पहले मुलाकात के दौरान उनके पति पूरी तरह स्वस्थ थे और 2 मार्च को जमानत मिलने की उम्मीद जता रहे थे। उन्होंने कहा, हार्ट अटैक से मौत होने पर शरीर पर इतने चोट के निशान नहीं आते। जेल की चारदीवारी के अंदर मेरे पति को पीट-पीटकर मार डाला गया है। उन्होंने दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। जेल अधीक्षक ज्ञानिता गौरव ने बताया कि राजेंद्र सिंह जॉन्डिस से पीड़ित थे और इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह 9:47 बजे उन्हें हार्ट अटैक आया और 9:51 बजे सदर अस्पताल लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। राजेंद्र कुमार सिंह की शादी पांच वर्ष पूर्व हुई थी। वे शहर के कोईरपुरवा मोहल्ले में रहते थे और अपने पीछे पत्नी व दो मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार के सामने अब भरण-पोषण की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।फिलहाल पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच की बात कही जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष के बाद ही मौत की असल वजह स्पष्ट हो पाएगी।


































































































