कार्यकर्ताओं ने कहा नाम बदलने से नहीं, काम देने से मिटेगी गरीबी बक्सर खबर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर रविवार को जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में एकदिवसीय शांतिपूर्ण उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला कांग्रेस कार्यालय के समक्ष आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने की। इस मौके पर पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी, पूर्व विधायक विश्वनाथ राम, डॉ. प्रमोद ओझा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने मनरेगा के नाम और मूल स्वरूप में बदलाव की प्रस्ताव को गरीब विरोधी बताते हुए इसका पुरजोर विरोध किया।
उपवास के समापन पर डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि मनरेगा कोई एहसान नहीं, बल्कि गरीब और मजदूरों का कानूनी अधिकार है। इसके नाम या स्वरूप से छेड़छाड़ कांग्रेस किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से न रोजगार बढ़ेगा और न ही मजदूरों की समस्याएं खत्म होंगी। पूर्व विधायक संजय कुमार तिवारी और विश्वनाथ राम ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़े कानून के साथ राजनीतिक प्रयोग लोकतंत्र के लिए खतरा है। डॉ. प्रमोद ओझा ने मनरेगा को डॉ. मनमोहन सिंह की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया। कार्यक्रम में कामेश्वर पांडेय, डॉ. सत्येंद्र ओझा, संजय कुमार पांडेय, भोला ओझा, निर्मला देवी, संजय कुमार दुबे, रोहित उपाध्याय, रवींद्रनाथ उपाध्याय उर्फ बुचा उपाध्याय, लक्ष्मण उपाध्याय, युवा कांग्रेस के पंकज उपाध्याय, अभय मिश्रा, राजारमन पांडेय, दयाशंकर सिंह, कमल पाठक, इं. रामप्रसाद द्विवेदी, महेंद्र चौबे, अकबरी, नजबून निशा, शहजाहां, नजिया परवीन, कृष्णकांत दुबे सहित अन्य उपस्थित रहे।





























































































