आधुनिक शिक्षण विधियों और डिजिटल साक्षरता से संवरेगा नौनिहालों का भविष्य

0
321

राज हाई स्कूल में क्वालिटी एजुकेशन पर मंथन, समाज को बदलना शिक्षकों की जिम्मेदारी                            बक्सर खबर। शिक्षा विभाग की महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारने और विद्यालयों में शैक्षणिक नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को डुमरांव के राज हाई स्कूल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अनुमंडल स्तरीय इस एकदिवसीय बैठक में सीआरसी एवं यूसीआरसी संचालकों व समन्वयकों ने हिस्सा लिया, जहां शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने हेतु विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न डिजिटल और शैक्षणिक योजनाओं की समीक्षा करना रहा। जिसमें बच्चों में परीक्षा के तनाव को कम करने और रटने के बजाय सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने पर चर्चा। डिजिटल साक्षरता, प्राथमिक स्तर पर बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान के लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर प्राप्त करने की रणनीति पर चर्चा हुई।

प्रशिक्षण के दौरान बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल देते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि आधुनिक शिक्षण विधियों को अपनाकर ही हम छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर सकते हैं। बैठक में उपस्थित अधिकारियों और तकनीकी सदस्यों ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि सरकार विद्यालयों को इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधन उपलब्ध करा सकती है, लेकिन एक सभ्य समाज का निर्माण और बच्चों के बौद्धिक विकास की असली जिम्मेदारी शिक्षकों और शिक्षा पदाधिकारियों के कंधों पर है। विभाग का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े बच्चे तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला तकनीकी सदस्य के रूप में संदीप कुमार आर्य, दुर्गमांगे, अश्विनी कुमार, सत्येंद्र ओझा, अजीत कुमार एवं महताब अली ने अपने अनुभव साझा किए और तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया। कार्यक्रम में सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी रामभजन एवं वशिष्ठ जी की उपस्थिति विशेष रूप से प्रेरणादायी रही।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here