खेलों से मिलता है आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम 

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राष्ट्रीय खेल दिवस पर सरस्वती विद्या मंदिर में विविध कार्यक्रम                                                                 बक्सर खबर। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर शुक्रवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में राष्ट्रीय खेल दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर छात्रों ने पारंपरिक खेलों से लेकर आधुनिक खेल प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। नया बाजार स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार ने टॉस उछाल कर किया। उन्होंने कहा कि खेलकूद से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक विकास भी होता है। बेहतर खेल से छात्र जीवन में अनुशासन, परिश्रम और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।

इस दौरान सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कबड्डी, गणित दौड़, बिस्कुट दौड़, टॉफी दौड़ समेत कई रोचक खेलों में हिस्सा लिया। निर्णायक की भूमिका में सुशील कुमार, मनोज सिंह, संजीव कुमार, रोहिणी कुमारी और श्वेता सिन्हा मौजूद रहे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। वहीं अहिरौली स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में भी राष्ट्रीय खेल दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के आचार्य अनुप कुमार चौबे ने मेजर ध्यानचंद के जीवन और योगदान पर प्रेरक भाषण दिया। उन्होंने बताया कि ध्यानचंद ने 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया।

फोटो – राष्ट्रीय खेल दिवस पर कबड्डी खेलते छात्र

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के बॉक्सिंग खिलाड़ी ज्योति प्रकाश मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने छात्रों को खेलों के माध्यम से अनुशासन, आत्मविश्वास और मेहनत की राह अपनाने की प्रेरणा दी। प्रधानाचार्यों और अतिथियों ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि जीवन में सफलता और राष्ट्रप्रेम का मार्ग है। मेजर ध्यानचंद का जीवन युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। कार्यक्रम का समापन महान खिलाड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया गया।

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