बक्सर खबर : लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश का आनंद ले रहे घर के बड़े सदस्य सावधान हो जाए। गंदगी से पटी इस नगर में गलियां बजबजा उठी हैं। ऐसे में मौसमी बुखार (वाइरल फीवर ) ने दस्तक दे दी है। इसके प्रभाव से बच्चों को बचाना जरुरी है। अन्यथा नाजुक बच्चों के तन और दिमाग पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इससे बचने का आसान तरीका है उन्हें बारिश के पानी से बचाया जाए। इसकी सलाह शिशु रोग विशेषज्ञ डा. कुमार गांगेय राय ने बक्सर खबर को दी।
मंगलवार के दिन चरित्रवन स्थित डा. के क्लिनिक पर बीमार बच्चों की बहुत भीड़ देखी गई। पूछने पर पता चला इनमें सर्वाधिक बच्चे बुखार से पीडि़त हैं। इस बुखार के क्या लक्षण हैं एवं इससे बचाव कैसे संभव है? डा. कुमार ने बताया यह मौसमी बुखार है। बार-बार इसका प्रभाव तेज होता है। बच्चों को ठंड भी लगती है। इसका प्रभाव दो से तीन दिनों तक रहता है। अभिभावक यह देखकर परेशान न हों। घर में साफ-सफाई रखें। बुखार की दवा के साथ एंटी बायटिक का प्रयोग किया जा सकता है। संभव हो तो पास के किसी डाक्टर से सलाह लें अथवा सरकारी अस्पताल में इसकी दवा भी उपलब्ध है। वहां जाकर संपर्क करें।































































































