बक्सर खबर : चार माह की मासूम बेटी को गोद में लिए इस्लाबाद की जहां आरा न्याय की लिए ठोकर खा रही है। उसके शौहर मो. एहसान खां ने ऐसा दगा दिया है कि वह घर की है न घाट की। शादी होने बाद नया भोजपुर का एहसान अपने गांव की रुकैया खातुन को लेकर भाग गया। परेशान पत्नी ने पुलिस से शिकायत की। धर पकड़ हुई और उसका शौहर पिछले एक माह से जेल में है। उसके इस कदम से नाराज ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया है। उसकी सौतन बनी रुकैया भी गर्भ से है। जिसे एहसान के परिवार वालों ने अपने यहां रख लिया है। इस मामले में जब भोजपुर ओपी पुलिस से पूछा गया तो उसने जो कहानी बतायी। उसमें वह भी बेबस नजर आ रही है। वर्ष 2014 में उत्तर प्रदेश के बलिया जिला के इस्लामाबाद की रहने वाली जहां आरा से एहसान की शादी हुई थी। उसको एक बेटी भी हुई। अभी वह दो माह की ही थी। इसी बीच एहसान अपने ही गांव की लड़की को लेकर भाग गया। पुलिस केस दर्ज हुआ। वह पकड़ा गया। जब उसके साथ ही लड़की का बयान हुआ तो वह भी गर्भ से थी। वह भी अपने शौहर के साथ ही रहना चाहती थी। नतीजा कोर्ट ने उसे भी एहसान के घर जाने की इजाजत दे दी। ऐसी स्थिति में अब दूसरी पत्नी घर में और पहली पत्नी घर से बाहर। पुलिस का कहना है कि गेंद हमारे नहीं न्यायालय के पाले में है। जबकि जहां आरा का कहना है कि उसे घर में जगह मिलनी चाहिए। पुलिस उसे मदद नहीं दे रही।






























































































