– कुछ घंटे पहले ही पति ने बंद कर ली थी आंखे, बच्चों पर टूटा गम का पहाड़
बक्सर खबर। पति के वियोग में पत्नी ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। कुछ घंटे पहले ही पति ने दम तोड़ा था। उसके बाद से ही नीतू खामोश थी। पास में बेटी भी उसकी बर्थ पर लेटी थी। मां ने वहीं अपने आभूषण उतारे और चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। घटना गुरुवार रात ग्यारह बजे के लगभग की है। यह मौत लखनऊ-वाराणसी रेल खंड पर सुल्तानपुर के समीप हुई। पति-पत्नी इटाढ़ी थाना के खखड़ही गांव के निवासी थे।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नीतू की शादी इस गांव के रहने वाले अजीत कुमार उपाध्याय उर्फ बबलू से हुई थी। इनके तीन बच्चे भी हैं। जिनमें दो बेटियां और सबसे छोटा (तीसरा) पुत्र है। बबलू पावर प्लांट में नौकरी करते थे। उनकी उम्र लगभग 38 वर्ष के आस-पास थी। कुछ वर्ष पहले उन्हें मलद्वार में परेशानी हुई। उपचार के लिए वाराणसी गए। ऑपरेशन के उपरांत दवाओं के प्रभाव से उनकी किडनी खराब हो गई। पीजीआई लखनऊ में दाखिल किया गया। डॉक्टरों ने उसका जीवन बचाने के लिए दूसरी किडनी लगाने की सलाह दी। वहां भी पत्नी ने आगे बढ़कर अपनी एक किडनी दान की। ऑपरेशन सफल रहा। लेकिन, कुछ माह गुजरने के बाद तबीयत फिर खराब हुई। परिजन उन्हें लेकर लखनऊ गए।
जहां गुरुवार को उनकी मौत हो गई। एंबुलेंस से परिजन शव को लेकर बक्सर के लिए रवाना हुए। पत्नी नीतू और अन्य सदस्य वापसी के लिए लखनऊ से श्रमजीवी एक्सप्रेस में गुरुवार की रात सवार हुए। सभी लोग अपनी बर्थ पर बैठे और दुखी मन से लेट गए। लेकिन, इसी बीच नीतू ने अपनी बर्थ पर पायल वगैरह खोला और ट्रेन से कूद गई। साथ के लोगों को यह पता भी नहीं चला। वह कहां गई, रात के वक्त ही रेल थाने में लापता की शिकायत हुई। शुक्रवार की सुबह रेलवे थाने की टीम ने एक महिला के लहूलुहान लाश की तस्वीर भेजी। कपड़े के आधार पर शिनाख्त हुई तो पता चला। वह कोई और नहीं, नीतू है। इस दुखद घटना ने परिवार ही नहीं पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। तीन बच्चों की मां को ऐसा नहीं करना चाहिए था। लोग यह बातें कह रहे हैं। लेकिन, अब कालचक्र न भुलने वाला गम इस परिवार को दे गया है।





























































































