खेलों के जरिए बच्चों को मिला स्व-सुरक्षा और सदाचार का मंत्र बक्सर खबर। अर्जुनपुर स्थित हेरिटेज स्कूल के प्रांगण में गुरुवार को दिलीप पाठक मेमोरियल स्पोर्ट्स मीट का तीसरा एवं अंतिम दिन पूरे उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रेसिडेंट प्रेम कुमार पाठक, निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार पाठक, प्राचार्या डॉ. सुषमा कुमारी एवं वरिष्ठ शिक्षक डॉ. श्रीनिवास चतुर्वेदी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद सम्मानित अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में तीसरे दिन की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इस दौरान कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने विभिन्न खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
बैडमिंटन, क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी, जैवलिन थ्रो और शॉटपुट जैसी प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। द्वितीय दिन के विजेता प्रतिभागियों के साथ-साथ अंतिम दिन के सफल खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षकों का योगदान रहा। विशेष रूप से शारीरिक शिक्षक जय कुमार सिंह के साथ तकनीकी सहयोगी शीतल कुमारी, सानिया और नमो मिश्रा की भूमिका सराहनीय रही। विद्यालय प्रबंधन की ओर से खेल जगत से जुड़े वरिष्ठ एवं राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों में सदर एसडीएम अविनाश कुमार, महिला थाना की थानाध्यक्ष प्रतिभा कुमारी और अवर निरीक्षिक कंचन कुमारी शामिल रहीं।

उन्होंने बच्चों को स्व-सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, सदाचार और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके अलावा जिले के विभिन्न विद्यालयों के निदेशक, शिक्षाविद, चिकित्सक और गणमान्य लोगों ने उपस्थित होकर विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। अपने संबोधन में प्रेसिडेंट प्रेम कुमार पाठक और निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार पाठक ने विद्यार्थियों को हार-जीत से ऊपर उठकर खेल भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि खेल न केवल आत्मविश्वास बढ़ाता है, बल्कि जीवन में सफलता के नए रास्ते भी खोलता है। प्राचार्या डॉ. सुषमा कुमारी ने खेलों को शिक्षा के साथ जोड़ने पर बल देते हुए इसे शारीरिक और मानसिक विकास का मजबूत माध्यम बताया। अंततः तीन दिवसीय खेल महोत्सव का समापन उल्लास, अनुशासन और प्रेरणा के साथ हुआ। बच्चों ने बेहतर प्रदर्शन का संकल्प लेते हुए आने वाली चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करने की शपथ ली।































































































