बौद्धिक विमर्श और खेलकूद के साथ आचार्य सम्मेलन का समापन

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विभिन्न प्रतियोगिताओं के सफल प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न देकर किया गया सम्मानित                               बक्सर खबर। शहर के अहिरौली स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय विभागीय आचार्य सम्मेलन सोमवार को विधिवत संपन्न हो गया। सम्मेलन में भोजपुर एवं बक्सर जिले के विभिन्न सरस्वती शिशु मंदिरों और विद्या मंदिरों से लगभग ढाई सौ से अधिक आचार्यों ने सहभागिता की। समापन दिवस का उद्घाटन बांका विभाग के विभाग निरीक्षक ब्रह्मदेव प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के कोषाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह ने की। अतिथियों का स्वागत एवं परिचय उपप्रधानाचार्य मनोरंजन कुमार ने कराया, जबकि संचालन जिला निरीक्षक गंगा चौधरी ने किया। मुख्य अतिथि ब्रह्मदेव प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि निरंतर सीखने वाला व्यक्ति ही जीवन में सफल होता है। उन्होंने पंचपदी शिक्षण पद्धति, पंचकोश तथा पांच केंद्रीय आधारभूत विषयों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही भारतीय दर्शन एवं संस्कृति से बालकों को जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि बालकों के सर्वांगीण विकास के लिए शारीरिक शिक्षा, योग, संगीत, संस्कृत तथा नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। संस्कारयुक्त शिक्षा ही विद्या भारती की मूल आधारशिला है। सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों के बीच सामूहिक गीत, सूर्य नमस्कार, समता, सुलेख, जलेबी दौड़ एवं चम्मच दौड़ सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

सुलेख प्रतियोगिता में मदन कुमार पांडेय (अहिरौली), संजीव कुमार (नया बाजार) एवं सुप्रिया पाठक (औद्योगिक क्षेत्र) विजयी रहे।

सूर्य नमस्कार (बालिका वर्ग) में रिद्धि कुमारी (औद्योगिक क्षेत्र), प्रीति कुमारी (लहठान) एवं सुप्रिया कुमारी (बाली सोनवर्षा) ने स्थान प्राप्त किया।

सूर्य नमस्कार (बालक वर्ग) में अविनाश कुमार (अहिरौली), प्रिंस दुबे (बाली सोनवर्षा) एवं सत्येंद्र कुमार (बाली सोनवर्षा) सफल रहे।

सामूहिक गीत व समता प्रतियोगिता में बालिका खंड बक्सर प्रथम, बाली सोनवर्षा द्वितीय एवं अहिरौली तृतीय स्थान पर रहा।

चम्मच गोली दौड़ में रोहिणी प्रिया (अहिरौली) प्रथम, सुमन देवी (बालिका खंड) द्वितीय एवं संजू देवी (बालिका खंड) तृतीय रहीं।

सभी सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के दौरान माधुरी पाठक, कुणाल कुमार, विनोद सिंह, रूबी कुमारी एवं कृति कुमारी ने अपने अनुभव साझा किए। अंत में विभाग प्रमुख लालबाबू प्रसाद यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर सतीश कुमार सिंह, परमेश्वर कुमार, धारणी कांत पांडेय, प्रधानाचार्य मनोज पांडेय, प्रमोद कुमार, शैलेंद्र कुमार, जैनेंद्र कुमार सहित अनेक आचार्य उपस्थित रहे।

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