जमीनी विवाद में अंधाधुंध फायरिंग, एक की मौत, तीन गंभीर

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30 साल पुराना विवाद में कोर्ट के फैसले के बाद धान काटने को लेकर हुआ खूनी संघर्ष।                            बक्सर खबर। सिकरौल थाना क्षेत्र के भखवां गांव में बुधवार की दोपहर जमीन विवाद ने खूनी रूप ले लिया। करीब 30–40 साल पुराने चार बीघा खेत के झगड़े में अंधाधुंध फायरिंग और लाठी-डंडों से हमला हुआ, जिसमें एक अधेड़ की मौके पर मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत और तनाव का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कन्हैया चौबे और संजय चौबे के परिवारों के बीच वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है। इसी विवाद में करीब तीन दशक पहले स्व. शिवशंकर चौबे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

उस मामले में बड़क चौबे और कन्हैया चौबे जेल गए थे, जो सजा काटकर लगभग एक साल पहले ही बाहर आए थे। हाल ही में 16 दिसंबर को सिविल कोर्ट से चार बीघा जमीन का फैसला संजय चौबे के पक्ष में आया था। बुधवार को बड़क चौबे, गणेश चौबे, कन्हैया चौबे, बलिराम चौबे और विद्यासागर चौबे खेत में धान काटने पहुंचे। इसका विरोध करने संजय चौबे और उनके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और प्रशासन की मौजूदगी में ही धान काटने की बात कही। इसी दौरान कहासुनी बढ़ी और देखते ही देखते गोलीबारी व लाठी-डंडे चलने लगे।

फायरिंग और हमले में तीन लोग घायल हो गए, जिन्हें सदर अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टरों ने संजय चौबे को मृत घोषित कर दिया। वहीं धनंजय चौबे पिता स्व. शिवशंकर चौबे, दरोगा चौबे पिता स्व. काशीनाथ चौबे और मोहन चौबे पिता स्व. भोला चौबे का इलाज चल रहा है। घायलों के सिर में लाठी-डंडे से गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद परिजनों ने सिकरौल थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि झगड़े की आशंका को लेकर पुलिस को कई बार सूचना दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का आरोप है कि हत्या के बाद ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी हो रही है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए डुमरांव एसडीपीओ और स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया है।

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