स्वास्थ्य कर्मियों ने 22 सूत्री मांगों को लेकर सीएस कार्यालय पर किया प्रदर्शन

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पुरानी पेंशन बहाली और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की मांग, दमनकारी नीतियों के खिलाफ बरसे संघ के पदाधिकारी                                                             बक्सर खबर। बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, जिला शाखा के तत्वावधान में शनिवार को स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर हुंकार भरी। राज्य समिति के निर्णयानुसार, जिले के दर्जनों स्वास्थ्य कर्मियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष अपनी 22 सूत्री मांगों के समर्थन में आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के पूर्व राज्य अध्यक्ष अरुण ओझा एवं राज्य उपाध्यक्ष मनोज चौधरी ने किया। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व राज्य अध्यक्ष ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के विरुद्ध की जा रही दमनकारी कार्रवाइयां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर तुरंत विचार किया जाए।

राज्य उपाध्यक्ष मनोज चौधरी ने जिला कैडर के कर्मचारियों को राज्य कैडर में शामिल करने और एसीपी/एमएसीपी के लाभ के मार्ग में आने वाली बाधाओं जैसे स्वच्छता प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को समाप्त करने की वकालत की। उन्होंने मांग की कि इन लाभों को प्रदान करने का अधिकार पूर्व की भांति सिविल सर्जन को ही दिया जाए। इसके अतिरिक्त कई महीनों से लंबित एनएचएम कर्मियों के मानदेय का अविलंब भुगतान सुनिश्चित हो। जिला कोषाध्यक्ष विनोद श्रीवास्तव ने जोर देकर कहा कि एनपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। सभी संविदा कर्मियों की सेवा को नियमित किया जाए। प्रदर्शन में विकास सिंह, विनोद कुमार, सुनीता कुमारी, अनीता, कुंती, गीता, सुमी हांसदा, कुमारी गीता कुमारी, मीरा कुमारी, रुक्मीना, चमेली कुमारी समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन अनुमंडल मंत्री विकास सिंह द्वारा किया गया।

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