मुरार कांड के फरार दोषियों की गिरफ्तारी होते ही सुनाया जाएगा दंडादेश, दिसंबर में सैकड़ों जघन्य वादों का निष्पादन बक्सर खबर। समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में शनिवार को जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में अभियोजन की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिसंबर 2025 के दौरान त्वरित विचारण एवं सामान्य वादों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में विशेष लोक अभियोजक अवधेश राय ने जानकारी दी कि जिले के चर्चित मुरार थाना कांड संख्या 10/2022 में सुनवाई पूरी हो चुकी है। त्वरित विचारण के 7 वादों में अभियुक्तों के सजा के समय फरार हो जाने के कारण दंडादेश नहीं हो सका है। न्यायालय द्वारा उनके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है और गिरफ्तारी होते ही सजा सुनाई जाएगी।
डीएम साहिला ने सभी अभियोजन पदाधिकारियों, लोक अभियोजकों एवं अपर लोक अभियोजकों को निर्देश दिया कि प्रत्येक माह अधिकाधिक वादों का निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि अपराधियों में कानून का भय स्थापित हो और समाज में सकारात्मक संदेश जाए। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों, अनुसंधानकर्ताओं तथा चिकित्सीय गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। समीक्षा के दौरान बताया गया कि दिसंबर माह में त्वरित विचारण के तहत जघन्य अपराध के 2, शस्त्र अधिनियम के 2 तथा एनडीपीएस अधिनियम के 2 समेत कुल 6 वादों में सजा दिलाई गई। वहीं सामान्य वादों के अंतर्गत जघन्य अपराध के 19, शस्त्र अधिनियम के 48, पास्को अधिनियम के 10, एससी/एसटी एक्ट के 1 तथा उत्पाद अधिनियम के 329 वादों का निष्पादन किया गया।































































































