ट्विनिंग प्रोग्राम बना जोखिम का सफर, पिकअप वैन पर ठूंस-ठूंस कर ले जाए गए कक्षा 9 के छात्र बक्सर खबर। कड़ाके की ठंड के बीच स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फोटो और वीडियो में साफ दिख रहा है कि कुछ छात्र-छात्राएं मवेशी ढोने वाली पिकअप वैन पर सवार होकर सफर कर रहे हैं। पड़ताल में सामने आया कि ये बच्चे ईश्वर ज्योति टेन प्लस टू उच्च विद्यालय, कृतपुरा के हैं, जिन्हें मंगलवार को ट्विनिंग प्रोग्राम के तहत सदर प्रखंड स्थित पांडेय पट्टी हाई स्कूल ले जाया गया था। बताया जा रहा है कि दोनों विद्यालयों के बीच की दूरी करीब तीन किलोमीटर है, लेकिन इस छोटी दूरी के लिए जिस तरह का इंतजाम किया गया, उसने शिक्षा विभाग की व्यवस्था और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, पिकअप वैन पर करीब 50 छात्र-छात्राओं को एक साथ खड़ा कराया गया था। सभी बच्चे कक्षा 9 के बताए जा रहे हैं। खुले वाहन में, वह भी ठंड के इस मौसम में बच्चों को ले जाना न सिर्फ असुविधाजनक बल्कि बेहद असुरक्षित भी था।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस बात को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि बच्चों को जानवरों की तरह गाड़ी में भरकर ले जाना शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। न तो वाहन सुरक्षित था और न ही बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखा गया। मामले पर कृतपुरा हाई स्कूल के प्रधानाचार्य रमाशंकर चौधरी ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने बताया कि ट्विनिंग प्रोग्राम के तहत कुल 40 छात्र-छात्राएं पांडेय पट्टी हाई स्कूल गए थे। बच्चों के लिए एक ऑटो और एक पिकअप वैन की व्यवस्था की गई थी। 11 बच्चे ऑटो में सवार थे, कुछ बच्चे पांच शिक्षकों की बाइक पर बैठे थे, जबकि शेष छात्र पिकअप वैन में गए थे। प्रधानाचार्य ने कहा कि उनकी मंशा गलत नहीं थी और सुविधा के अनुसार ही बच्चों को कार्यक्रम में शामिल कराया गया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिक्षा विभाग इस मामले में पूछताछ करता है, तो वे अपनी गलती स्वीकार करने को तैयार हैं। फिलहाल, यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।





























































































