केंद्रीय विद्यालय में नामांकन की जिम्मेदारी लेगी मानवाधिकार संस्था बक्सर खबर। सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की असमय मौत के बाद शोक में डूबे परिजनों के बीच बुधवार को रोटरी क्लब के अध्यक्ष एवं मानवाधिकार एंड सामाजिक न्याय संस्था के प्रदेश सचिव डॉ. दिलशाद आलम पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया और बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एसएसबी जवान ओंकार पाण्डेय की दुखद मृत्यु से उनके मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। ऐसे कठिन समय में समाज का दायित्व है कि वह आगे आकर परिवार का संबल बने। उन्होंने आश्वस्त किया कि संस्था की पहली प्राथमिकता बच्चों का केंद्रीय विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित कर उनकी पढ़ाई को निरंतर जारी रखना होगा। इस अवसर पर रोटरी क्लब की ओर से आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
उन्होंने समाज के प्रबुद्ध लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों से अपील की कि वे इस विपरीत परिस्थिति में पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आएं, ताकि परिवार को आर्थिक और मानसिक संबल मिल सके। गौरतलब है कि एक फरवरी की तड़के सुबह बक्सर-आरा एनएच पर नया भोजपुर थाना क्षेत्र के चंदा गांव के समीप घने कोहरे के बीच कार और दो ट्रकों की भीषण टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई थी। हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों में कृतसागर निवासी एसएसबी जवान ओंकार पाण्डेय (32), उनके भाई सुजीत कुमार पाण्डेय (28), नेनुआ (डुमरांव) निवासी गिरिजा देवी (50) और भरखरा (ब्रह्मपुर) निवासी मंजू देवी (40) शामिल थीं। चारों बुआ-भतीजे के रिश्ते में थे और परिवार में शादी का माहौल था।
बताया जाता है कि दो फरवरी को ओंकार पाण्डेय की इकलौती बहन मनीषा का तिलक समारोह होना था। घर में सभी रिश्तेदार जुटे थे। ओंकार अपने भाई और दोनों बुआओं के साथ रमरेखा घाट गंगा स्नान के लिए बक्सर जा रहे थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया। इस दुर्घटना ने न केवल एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। फिलहाल परिवार शोक में डूबा है और बहन की शादी भी टाल दी गई है।































































































