पेंशनर दिवस पर सरकार की नीतियों पर उठे सवाल 

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पुराने सदर अस्पताल परिसर में पेंशनरों की गोष्ठी, आंदोलन की रणनीति पर मंथन                               बक्सर खबर। पेंशनर दिवस के मौके पर पेंशनर एसोसिएशन जिला शाखा की ओर से गुरुवार को पुराने सदर अस्पताल परिसर में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता परमहंस सिंह ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री अरुण कुमार ओझा ने किया। कार्यक्रम में दर्जनों सरकारी सेवक एवं पेंशनर शामिल हुए। गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला मंत्री अरुण कुमार ओझा ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वित्तीय विधेयक 2025 को संसद में पास कराकर सरकार ने जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों के हितों पर कुठाराघात किया है। आठवें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर देश की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए पेंशन निर्धारण की अनुशंसा करने का निर्देश दिया गया है, जिससे पेंशनरों में भारी आक्रोश है।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली यात्रा छूट समाप्त कर दी गई है, 18 महीने का लंबित महंगाई भत्ता अब तक नहीं दिया गया है और पूर्व में उठाई गई कई मांगों पर सरकार मौन है। यदि सरकार ने पेंशनरों की समस्याओं पर गंभीरता नहीं दिखाई, तो अखिल भारतीय पेंशनर फेडरेशन के 22–23 फरवरी को कुरुक्षेत्र में होने वाले अखिल भारतीय सम्मेलन में आगे की ठोस रणनीति तय की जाएगी। लक्ष्य साफ है‌ पेंशन व्यवस्था को सुरक्षित रखना और 2004 के बाद बंद पुरानी पेंशन को पुनः लागू कराना। गोष्ठी में महावीर पंडित, हरेंद्र कुमार सिंह, वीरेंद्र कुमार सिंह, हरे राम सिंह, राम सुरेश सिंह, महावीर भगत, सुरेंद्र प्रसाद, भृगुनाथ प्रसाद, नित्यानंद श्रीवास्तव, बीना देवी और अवध बिहारी सिंह सहित कई वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।

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