विश्व हिंदू परिषद का सत्संग समारोह में मठ-मंदिर सरकार से मुक्त हों, धर्मांतरण पर कानून बनाने की मांग बक्सर खबर। “अगर हमें सनातन संस्कृति और हिंदुत्व को जीवित रखना है तो हमें अपने बच्चों को धर्मग्रंथ पढ़ाना होगा। तभी संस्कारी पीढ़ी का निर्माण होगा।” ये बातें चित्रकला संस्कार भारती के अखिल भारतीय संयोजक सुनील विश्वकर्मा ने बुधवार को शहर के अम्बेसडर होटल में आयोजित विश्व हिंदू परिषद के सत्संग समारोह में कही। सुनील विश्वकर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने भगवान राम का चित्र बनाया तो वह प्रक्रिया उनके अनुसार ‘मानव निर्मित’ नहीं थी। उन्होंने कहा, “मैंने नहीं बनाया, किसी अज्ञात शक्ति ने मुझसे बनवा लिया।” उन्होंने यह भी बताया कि वेदों के निर्माण में 16 विदुषी महिलाएं और समाज के तथाकथित निम्न वर्गों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे आज भुला दिया गया है।
बिहार-झारखंड क्षेत्र के संगठन मंत्री आनंद जी ने इस अवसर पर कहा कि विश्व हिंदू परिषद दो प्रमुख मुद्दों पर कार्य कर रही है। प्रथम बिहार के मठ-मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराना और दूसरी धर्मांतरण विरोधी कानून की मांग उन्होंने कहा कि “देश के कई राज्यों में मठ-मंदिर सरकार के नियंत्रण से मुक्त हो चुके हैं, अब बिहार में भी इसकी जरूरत है।” उन्होंने जनता से अपील की कि अपना वोट उसी को दें, जो हिंदू हित की बात करे। प्रत्याशियों से पूछें कि क्या वे मठ-मंदिरों को मुक्त करेंगे और धर्मांतरण पर कानून बनाएंगे? आनंद जी ने माता-पिता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को गायत्री मंत्र का पाठ सिखाएं और उन्हें धर्म ग्रंथों से जोड़े। कार्यक्रम की अध्यक्षता विहिप जिलाध्यक्ष सिद्धनाथ ने की, जबकि संचालन विभाग विशेष प्रमुख बृजेश पांडे ने किया। इस मौके पर प्रांत सत्संग प्रमुख कन्हैया जी पाठक, मंत्री ईश्वर दयाल, विभाग मंत्री संजय राय, नगर अध्यक्ष अरविंद सिंह, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता, संघचालक ओमप्रकाश जी, उपाध्यक्ष संजय सिंह, रत्ना पांडे, पूनम चौबे, कृष्णा चौबे, बजरंग दल संयोजक बलिराम मिश्रा, संयोजक अमित पांडे, राजेंद्र पांडे, संतोष ओझा, उमाशंकर पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश भुवन सहित कई अन्य उपस्थित रहे।