बक्सर खबर : बिहार में कानून का कितना पालन हो रहा है। यह बात किसी से छिपी नहीं है। सरकारी अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अनदेखी कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण जिला मुख्यालय है। जहां न्यायिक आदेश को दरकिनार कर कान फोडू संगीत बजाया जाता है। लेकिन उसे रोकने वाला कोई नहीं। इस अव्यवस्था के खिलाफ जिले के अधिवक्ताओं ने मोर्चा खोलने का मन बना लिया है। शनिवार को आवेदन तैयार कर जनहित से जुड़े इस विषय को जिला प्रशासन के समक्ष रखा गया। ध्वनि प्रदूषण से होने वाले नुकसान, न्यायालय द्वारा तय दिशा निर्देश की अनदेखी को आधार बना शिकायत सदर एसडीओ के कार्यालय को सौंपी गई।
शिकायती पत्र पर कुल 116 अधिवक्ता का हस्ताक्षर है। जिसमें गणपति मंडल, सूबेदार पांडेय, शिवपुजन लाल, नंद गोपाल प्रसाद पीपी आदि ने हस्ताक्षर किया है। नेक पहल की शुरुआत करने वाली अधिवक्ता श्यामा श्री ने कहा कि अभी सिर्फ आवेदन दिया गया है। अगर समय रहते प्रशासन ने इस पर ठोस पहल नहीं की। तो हम उच्च न्यायालय में इसके लिए जनहित याचिका दायर करेंगे। फिलहाल हमने अधिकारियों को जगाने के लिए आवेदन सौंपा है। इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने के लिए हम अधिवक्ता मीडिया से भी सहयोग की अपेक्षा रखते हैं।

































































































