जल जीवन हरियाली दिवस पर कम पानी, अधिक पैदावार और जलवायु अनुकूल खेती पर जोर

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डीडीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक, मोटे अनाज और ड्रिप इरिगेशन से बढ़ेगी किसानों की आय                         बक्सर खबर। जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से माह के प्रथम मंगलवार को जल जीवन हरियाली दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य स्तर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कृषि विभाग द्वारा कम पानी में अधिक उत्पादन एवं कृषि नवाचारों से बदलते परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन उप विकास आयुक्त निहारिका छवि की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में जलवायु अनुकूल खेती पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बदलते मौसम के अनुसार कृषि कार्यों के लिए उपयुक्त बीज चयन आवश्यक है। फसलों की जल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग द्वारा चेक डैम, कुआं, आहर एवं पाइन का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं उद्यान विभाग द्वारा स्प्रिंकलर और ड्रिप इरिगेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आवश्यकता के अनुसार जल उपलब्ध कराते हुए उत्पादन बढ़ाना है। साथ ही कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मोटे अनाज की खेती में लागत कम आती है, पानी की खपत भी कम होती है और उत्पादन अपेक्षाकृत अधिक होता है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि संभव है। बैठक में कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला गव्य पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, सहायक निदेशक भूमि संरक्षण, मनरेगा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जल जीवन हरियाली के जिला मिशन प्रबंधक, सोन नहर के कार्यपालक अभियंता सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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