बक्सर खबर : डाक्टर भी रिश्वत लेते हैं। अटपटी से लगने वाली यह बात मंगलवार को सच हो गई। सदर अस्पताल में बैठे बड़े साहब ही रिश्वत लेते होंगे। ऐसा सोचने वालों ने देखा कि प्रखंड स्तर पर भी रिश्वत का स्कोप है। सिमरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा पदाधिकारी शदाशिव पांडेय इसके उदाहरण बन गए हैं।

क्योंकि भ्रष्टाचार मुक्त सप्ताह जो चल रहा है। मंगलवार को उनके कार्यालय में  निगरानी की टीम ने धावा बोला। तब साढ़े ग्यारह बज रहे थे। अचानक टीम के लोग अंदर पहुंचे। डाक्टर साहब को साथ लिया और सीधे बाहर खड़ी गाड़ी में जा बैठे। अस्पताल में मौजूद लोग भी अवाक रह गए। यह क्या हो रहा है। बहुत से लोग तो यह समझ ही नहीं पाए। लेकिन निगरानी की टीम उनको घेरकर बैठ गई। पूछने पर पता चला आशा कर्मी से रिश्वत ले रहे थे।

निगरानी की हिरासत में डा

जो प्रखंड के छोटका राजपुर की रहने वाली थी। 31 को दस हजार रुपये देने की बात थी। इसकी शिकायत ले रंजना देवी के देवर संतोष ने निगरानी से शिकायत कर दी। तय तिथि को पूर्व योजना के तहत निगरानी ने उन्हें दबोच लिया। डाक्टर भी ऐसा कर सकता है।  यह सोच सिमरी के लोग दंग थे। इसकी चर्चा पूरे दिन जिले में होती रही।

डाक्टर को पटना ले रवाना होती निगरानी की टीम