बक्सर खबर । अकाश कुमार उर्फ राम जी सिंह जैसे लोग समाजसेवी नहीं बल्कि अवसरवादी लोग हैं। समाज सेवा के नाम पर दूसरों को ठगने के अलावे और काम नहीं आता। चंदा वसूलना चंदे के पैसे से मौज करना इन लोगों के आदत में शुमार है। इन छद्म समाजसेवियों के बारे में पूरे बक्सर वासियों को पता है। ये राजद के एजेंट है। अभी भी यह अपनी हार नहीं पचा पाए हैं। इन तथाकथित समाजसेवी भाई को अपने गिरेबान में भी झांक कर देखना चाहिए। स्थानीय सांसद और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के नेतृत्व में देश में बक्सर संसदीय क्षेत्र की प्रतिष्ठा बढ़ी है। विकास के भी नए आयाम स्थापित हुए हैं।
15 साल बिहार को बर्बाद करने का काम किया राजद उसके ये एजेंट रहे। इसके पहले ये विद्यार्थी परिषद के सदस्य थे । ऐसे लोगों को हटाया गया। जो संगठन का नाम बेचकर अपना उल्लू सीधा करते थे। उनको विद्यार्थी परिषद से कोई मतलब नहीं था । उनकी आंखों पर राजद का चश्मा लगा है। 2019 के इलेक्शन में जगदा बाबू की हार को पचा नहीं पा रहे हैं । अब क्या बोलूंराजद के हार के बाद धन उगाही कैसे होगी। इस पर इनका मानसिक संतुलन खराब हो गया है । इस तरह की बयानबाजी बक्सर के सांसद के प्रति इनकी सोच को दर्शाती है। यह आरोप नितिन मुकेश जिला संयोजक आईटी एंड सोशल मीडिया बक्सर ने आकाश कुमार सिंह पर लगाएं।
राम जी के साथ रहने वाले लोग राजद उम्मीदवार के साथ

एक दिन पहले आकाश कुमार ने स्थानीय सांसद सह मंत्री के खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय को ज्ञापन दिया था। नितिन उसी बात को लेकर आग बबूला है। उन्होंने मीडिया के पास रामजी सिंह और उनके साथियों की तस्वीर भेजी है।  जिसमें वे लोग राजद उम्मीदवार के साथ दिख रहे हैं।  पिछले लोकसभा चुनाव में राजद के लिए काम करने वाले लोग क्या समाज से भी हो सकते हैं।  तस्वीर स्पष्ट कर देती है। रामजी सिंह का यह कदम कहीं ना कहीं राजनीति से प्रेरित है।  हालांकि राजनीतिक इस दौर में आरोप-प्रत्यारोप आम बात है।

 

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