बक्सर खबर । रक्षाबंधन पर्व  आज रविवार को पूरे भारतवर्ष में मनाया जा रहा है । ज्योतिष मान्यता के अनुसार प्रातः से लेकर सायंकाल 04:16 बजे तक किस का मुहूर्त है। इस वर्ष पूर्णिमा तिथि भी इसी समय तक भोग कर रही है।भद्रादि दोष भी नहीं है। आज के दिन श्रावणी उपाकर्म करने का विधान है। यह पर्व मुख्यतः ब्राह्मणों का है। प्रातः सविधि स्नान करके देव, पितर और ऋषियों का तर्पण करे। दोपहर के समय ऊनी,सूती या रेशमी पीत वस्त्र लेकर उसमें सरसों, सुवर्ण, केसर, चन्दन, अक्षत और दूर्वा रखकर बाँध ले। फिर गोबृ से लिपे स्थान पर कलश स्थापना कर उस पर रक्षासूत्र रखकर उसका यथा विधी पूजन करे।

उसके बाद विद्वान ब्राह्मण से रक्षा सूत्र को दाहिने हाथ में बँधवाना चाहिए।रक्षासूत्र बाँधते समय ब्राह्मण को निम्नलिखित मंत्र पढधना चाहिए–             येन वद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महबलः। तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।  

      रक्षाबंधन में अपराह्न काल मे शुद्ध मूहूर्त मिले तो सर्वोत्तम मूहूर्त माना जाता है। इस वर्ष सर्वोत्तम मूहूर्त भी विशुद्ध प्राप्त हो रहा है। श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन बहने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके मंगल की कामना करती हैं।