बक्सर खबर। मदर टेरेसा का जन्म 27 अगस्त 1910 को युगोस्लाविया के स्पोजे शहर में हुआ था। बतौर शिक्षक वे भारत आईं। जब उनकी तैनाती कोलकत्ता के सेंट मेरी हाई स्कूल में थी। उन्होंने मानव सेवा के लिए स्कूल छोडऩे की अनुमति ली। नन का प्रशिक्षण लिया और प्रेम घर की शुरूआत की। इससे पहले तक उनका नाम एग्नेस गोजा बोजा क्यू था। लेकिन यह भारत भूमि है। जिसने प्रेम की इस देवी को मदर टेरेसा का नाम दिया। उन्होंने आजीवन बेसहारा, मजबूर, बीमार और अनाथ लोगों की सेवा की। उन्होंने प्रेम घर, निर्मल हृदय, शिशु सदन आदि केन्द्रों की स्थापना की।

उनके बारे में जानने को बहुत कुछ है। उन्हें भारत रत्न और नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया(और भी कई पुरस्कार मिले हैं)। आज वे हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन, उनका एक कथन सभी को आजीवन सूत्र वाक्य की तरह याद रखना चाहिए – विश्व में कहीं भी दुखी, बेसहारा व बीमार लोग आपको दिख जाएं तो वे आपका प्रेम पाने के हकदार हैं। मानव सेवा की अप्रतिम उदाहरण मदर को बक्सर खबर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करता है। (गुगल और विकी पीडिया साइट उनके जन्म की तिथि 26 अगस्त दर्शाते हैं। जिसको लेकर कई तरह के विरोध हैं)