बदल रहा है बक्सर, अलख का दीप जलाने वालों को साधुवाद
बक्सर खबर। कार्तिक पूर्णिमा अर्थात देव दिवाली। यह उत्सव उतना ही पुराना है। जिस तरह हम लोग दिवाली मनाते हैं। लेकिन, देव दिवाली का प्रचलन अपने शहर में कमजोर पडता जा रहा था। पिछले तीन-चार वर्ष से जो प्रयास हुए हैं। उसका प्रभाव आज जनमानस में दिखा। लोग स्वयं घरों से बाहर आए। लाखों की संख्या में दीप जले। सुमेस्वर स्थान घाट से लेकर अहिरौली तक इस बार सभी प्रमुख घाट जगमगा रहे थे। 

इसके लिए आम जन के साथ महिलाओं को विशेष धन्यवाद जाता है। जिन्होंने बढचढ कर हिस्सा लिया। नतीजा देव दिवाली पूजा समिति ने एक लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा था। उसकी जगह लाखों दीप लिए लोग स्वयं घरों से बाहर आ गए। शहर के सभी घाट जगमगा रहे थे। इसका नजारा आप इन तस्वीरों में देख सकते हैं। एक छोटा सा वीडियो भी हमने अपलोड किया है। उसका लिंक भी यहां दिया जा रहा है। उसे भी आप देख सकते हैं।

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भव्य गंगा आरती का हुआ आयोजन
बक्सर खबर। देव दिवाली पूजा समिति के साथ शहर के सभी युवा खडे दिखे। युवाओं की टोली हर घाट पर बंट गई थी। आयोजन समिति के अध्यक्ष मनेाज कुमार रामरेखा घाट पर जमें थे। वहां गंगा आरती ट्रस्ट द्वारा भव्य आरती का आयोजन किया गया था। जिसमें शामिल होने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, महिलाएं और राजनीतिक दलों के लोग भी वहां पहुंचे। इसी तरह रामरेखा घाट पर अजय मिश्रा मिले। उन्होंने बताया दोपहर दो बजे से ही नाथ घाट और किला के पास हजारों की संख्या में दीपक सजाए गए। उनका नजारा देखते बन रहा था। रामजी सिंह की टोली इस बार अहिरौली गांव के गंगा घाट पर थी। यहां पहली बार देव दिवाली उत्सव में भव्य तरीके से दीप जले। गंगा सेवा समिति के प्रकाश पांडेय भी सामाजिक लोगों के साथ गंगा घाट पर जमे थे।

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