बक्सर खबर। चौसा में ओवर लोडिंग वाले बालू लदे ट्रकों से होने वाली वसूली से आम लोग आजिज आ चुके हैं। उन्हें परेशानी इस बात कि नहीं है कि यहां वसूली का खेल चलता है। उनकी परेशानी है कि इस वसूली के कारण यहां हर रोज लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है। यहां घंटों लगने वाले जाम में आम आदमी ही नहीं बीमारों को इलाज के लिए ले जाने वाले वाहन भी फंसते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि आम आदमी को भय और भ्रष्टाचार मुक्त समाज देने का दावा करने वाली प्रदेश सरकार और प्रशासन क्या कर रहा है।
सवाल यहां यह भी है कि यह वसूली करता कौन है और किसके लिए करता है।सूत्र बताते हैं कि हींग लगे न फिटकरी और रंग आए चोखा की तर्ज पर पुलिस यहां वर्दी पर दाग नहीं लगने देना चाहती है और माल भी बटोर लेना चाहती। इसके लिए उसने कुछ लोगों की तैनाती कर रखी है। पुलिस के ये गुर्गे इस मार्ग से आने जाने वाले ट्रकों से तय कीमत वसूलते हैं और अपने आदेश पालक को पहुंचाते हैं। इसमें उनकी भी हिस्सेदारी तय है।
इसलिए ये गुर्गे ज्यादा से ज्यादा वसूली करने की कोशिश करते हैं ताकि उनका हिस्सा बढ़े और उनके आका भी खुश रहें। खबर की तहकीकात के दौरान चौसा गोलाा के दुकानदारों और आम लोगों ने बताया कि वसूली करने वाले खुद के सर पर वर्दी का हाथ होने की बात कह आम लोगों पर रौब गालिब करते रहते हैं। ऐसे में उनके डर से कोई कुछ कह भी नहीं पाता। जबकि वसूली के इस खेल के चलते उनकी दुकानदारी प्रभावित होती है और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बताने वाले तो यहां तक बताते हैं कि इस गोरखधंधे में हर दिन लाखों के वारे न्यारे होते हैं। और जब सवाल लाखों का हो तो आम आदमी की दिक्कतों को कौन पूछता है।

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