बक्सर खबर । परमात्मा को पाने के कई रास्ते हैं। मन में उनके प्रति सच्ची श्रद्धा और पर हित की भावना का होना नितांत जरुरी है। भजन, किर्तन, त्याग, तपस्या, भक्ति इसी के अन्य स्वरुप हैं। लेकिन इस कलयुग में जहां चारो तरफ अनेक व्यसन रास्ता रोके खड़े हैं। ऐसे में भगवत प्राप्ति आसान नहीं है। इसका एक सुगम मार्ग है। संतो की संगति।

यह बातें शुक्रवार को पूज्य संत जीयर स्वामी जी महाराज ने रोहतास जिले के टंडवां गांव में कहीं। उन्होंने आम बोलचाल की भाषा में इसे स्पष्ट करते हुए कहा। आप ने देखा होगा अथवा जानते होंगे। अगर कोई व्यक्ति बिजली के तार को छू ले तो उसमें करंट दौडऩे लगता है। जिसे करंट लगा है, उसे कोई दूसरा व्यक्ति छू ले तो उसे भी करंट लग जाता है। अगर करंट के संपर्क में आए व्यक्ति को छूने मात्र से ऐसा हो सकता है। तो क्या भगवत आराधना में लगे महात्मा, संत की संगति कर लेने से भगवत प्राप्ति आसान नहीं हो सकती। इसी लिए शास्त्रों में संत की संगति का माध्यम बताया गया है।