बक्सर खबर। अभी तक आपने लोगों को यह कहते सुना होगा कि मछली खाने के बाद दूध मत पीना, वर्ना सफेद दाग पड़ जाएंगे! लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बात में कोई सच्चाई नहीं है। सफेद दाग, जिसे मेडिकल की भाषा में विटिलिगो कहा जाता है, असल में त्वचा से संबंधित एक रोग है जिसका खानपान से कोई संबंध नहीं है। तो आखिर क्या है सफेद दाग?

विटिलिगो यानी सफेद दाग एक ऑटो इम्यून सिंड्रोम है, जो भोजन से संबंधित नहीं है। सर गंगा राम अस्पताल के डर्मेटॉल्जिस्ट डॉ रोहित बत्रा से जब इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसे सिरे से नकार दिया और कहा कि मछली खाने के बाद दूध पीने से सफेद दाग पड़ने की बात पूरी तरह से मिथक है क्योंकि सफेद दाग असल में त्वचा से संबंधित एक रोग है। सफेद दाग कुष्ठ रोग से जुड़ा नहीं है। यह संक्रामक भी नहीं है। इसलिए स्पर्श, रक्त, संभोग, सांस लेना, निजी चीजों जैसे तौलिए को साझा करने या पीने के पानी के लिए एक गिलास का उपयोग करने से एक व्यक्ति से दूसरे तक नहीं पहुंच सकता। हमारे देश में विटिलिगो यानी सफेद दाग के इलाज के लिए पूरी दवाएं और तकनीक हैं। इसके इलाज के लिए नवीनतम तकनीक मेलेनॉइट ट्रांसमिशन है, जिसमें सामान्य त्वचा से केवल मेलानोसाइट्स निकाला जाता है और विटिलिंगियस स्पॉट्स पर इंजेक्ट कर दिया जाता है।

कुछ घरेलू उपायों से भी सफेद दाग की समस्या को दूर किया जा सकता है।- नीम की पत्ती का पेस्ट बनाकर दाग वाली जगह पर लगाएं। इससे खून साफ होगा और सफेद दाग के साथ त्वचा की सारे रोग खत्म हो जाएंगे। – अपने खाने में ज्यादा से ज्यादा बथुआ शामिल करें। रोज बथुआ उबाल कर उसके पानी से शरीर के सफेद दाग को धोएं। – अखरोट सफेद दाग में काफी फायदेमंद है। रोज अखरोट खाएं। यह सफेद पड़ चुकी त्वचा को सामान्य करने में मदद करेगा। – रोजाना अदरक का जूस पिएं और अदरक के एक टुकड़े को खाली पेट चबाएं। साथ ही अदरक को पीसकर सफेद दाग वाली जगह पर लगाएं।

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