पूजा उपरान्त रखा गया कशल

बक्सर खबर । आज ही के दिन भगवती लक्ष्मी का समुद्र मंथन से अमृत कलश के साथ एवं भगवान धन्वंतरि का समस्त रोगों की औषधियों को कलश भरे हुये लेकर अवतरण हुआ था। भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद के प्रथम आचार्य थे। इसी लिये भगवती लक्ष्मी के प्रतीक स्वरूप ऐश्वर्य वृद्धि के लिये धातु पात्रादि खरीदने की परंपरा चल पड़ी,और आयुर्वेद के प्रथम अवतार धन्वंतरि की पूजा अर्चना से मंगलकामना एवं आरोग्य की कामना की जाती है।

धनतेरस पूजा के शुभ मुहूर्त
बक्सर खबर । धनतेरस की पूजा मूहूर्त- दोपहर में 01:13 से 04:11 तक, सायंकाल 05:49 से 10 बजे रात्रि तक, मध्य रात्रि 12:17 से 04:44 तक है।

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सूर्यास्त के बाद निकाले यम दीप, जाने मंत्र

बक्सर खबर ।आज प्रदोषकाल में अपमृत्यु निवारणार्थ घर के बाहर यम दीपदान दक्षिणाभिमुख होकर करे। मंत्र- मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन यमया सह। त्रयोदश्यां दीप दानात् सूर्यजः प्रीयतां मम्।

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