बक्सर खबर। जनतांत्रिक विकास पार्टी ने प्रचार में अपना पूरा दमखम लगा दिया है। पिछले दो दिनों से पार्टी के उम्मीदवार और राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार लगातार हेलीकाप्टर से दौरा कर रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने लगभग आधा दर्जन सभाएं की। नवानगर प्रखंड के केवटिया एवं कोरानसराय, दिनारा प्रखंड के भालुनी धाम एवं कोथ, चक्की प्रखंड के परसियां, दुर्गावती प्रखंड के गोरार, राजपुर प्रखंड के सिकठी और दिनारा प्रखंड के भालुनी धाम में ताबड़तोड़ चुनावी जनसभाएं की। अनिल कुमार ने अपने भाषणों में कहा कि बक्सर की जनता इस बार विकास के लिए स्थानीय नेतृत्व पर भरोसा करने वाली है। बक्सर की जनता इस लोकसभा चुनाव में नेता नहीं बेटा को चुनेगी और सिलाई मशीन छाप पर बटन दबा कर स्थानीय और मजबूत प्रतिनिधि चुनने का काम करेगी। अनिल कुमार ने अपनी जनसभाओं में कहा कि हम सब मिलकर अब बक्सर लोकसभा की तस्वीर बदलेंगे। अनिल कुमार ने कहा कि अगर आज के सांसद और पूर्व सांसद समेत इलाके के अन्य जनप्रतिनिधियों ने कुछ किया होता तो बक्सर की स्थिति दयनीय नहीं होती। किसान, युवा, महिला आज सब बदहाल हैं।

इस तस्वीर को बदलने की जरूरत है। क्षेत्र की जरूरतों को समझ कर काम करने वाले सांसद को चुनने की न कि चुनावी मेढ़कों को, जो सिर्फ चुनाव के वक्त आपसे वोट मांगने आते हैं। अनिल कुमार ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के बाद से अपने सबको मौका दिया। अब खुद देखिये कि जो आपका वोट लेकर गए, उन्होंने आपके लिए कितना काम किया। बक्सर के लिए क्या किया। आपको खुद समझ आ जायेगा। कभी बक्सर धान का कटोरा था, आज धान उपजाने वाले किसान की दुर्दशा हो रही है। अभी वक्त है अपने मन पसंद की सरकार चुनने की। इसलिए आपसे अपील है कि इस बार बक्सर के विकास और भविष्य के लिए हमें अपना समर्थन दें। 19 मई को अपने बेटे और भाई को सिलाई मशीन पर बटन दबाकर संसद भेजने का काम करें, हम अपने हर वादे को आपके साथ मिलकर पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि हम बाबा साहब के संविधान के हिमायती है, जो कमजोर तबके के लोगों को शक्ति देती है। हम उनके रास्ते पर चलकर समाज में समरसता और भाईचारा बहाल करने का काम करेंगे। जनसभा में रवि प्रकाश, संतोष यादव, मंटू पटेल, चक्रवर्ती चौधरी, जगत नारायण सिंह, मोहन राम, संजय मंडल, डॉ रामराज भारती, सुविदार दास, आशुतोष पांडेय, राजा यादव, मोहन गुप्ता, संतोष यादव, रमेश राम, चंद्रशेखर सिंह, अरुण सिंह, वीरेंद्र सिंह, रामाधार राम की मुख्य रूप से भूमिका रही। साथ ही हजारों की संख्या में महिला एवं पुरुष कार्यकर्ता मौजूद थे।