बक्सर खबर। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अमरेन्द्र प्रताप शाही बक्सर अपने दो दिवसीय प्रवास पर बक्सर पहुंचे थे। उन्होंने आज गुरुवार को व्यवहार न्यायालय बक्सर एवं डुमरांव न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया। उनके साथ निरीक्षी न्यायाधीश आशुतोष सिंह भी थे। सुबह उन्होंने व्यवहार न्यायालय बक्सर का निरीक्षण किया। यहां का हाल देख वे खुश नहीं थे। लगे हाथ यहां अधिवक्ताओं ने उसने मिलकर कई समस्याएं रख दी।

यहां परिवार न्यायालय का काउंसलिंग सेंटर न्यायालय से दूर बना है। किशोर न्याय परिषद को भी चौसा के पास बनाया गया है। अब आप बताएं अगर अधिवक्ता इतीन दूर जाएंगे। तो वे दौड़-दौड़ कर परेशान हो जाएंगे। इसमें अतिरिक्त खर्च आएगा। जिसका सीधा प्रभाव मुवक्कील पर पड़ेगा। मुख्य न्यायाधीश ने बातें सुनी तो उन्होंने स्थल चयन पर हैरानी जताई। इसके बाद यहां के प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उनके साथ जिला जज हरेन्द्रनाथ भी मौजूद थे।

डुमरांव में प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करते चीफ जस्टिस

इसके बाद वे डुमरांव गए। जहां बनने वाले व्यवहार न्यायालय को देखना था। साथ ही वहां सब जेल भी बननी है। उसका स्थल निरीक्षण करने के बाद उन्हें बहुत कुछ अटपटा लगा। लगभग छह एकड़ जमीन जो न्यायालय और आवास आदि के लिए प्रस्तावित है। उसे उन्होंने उपयुक्त नहीं बताया। जिला प्रशासन को उन्होंने अगले पन्द्रह दिनों की मोहलत देते हुए ऐसे स्थल का चयन करने को कहा। जहां आम लोगों को पहुंचने में सहूलियत हो। वहां व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस पूरे निरीक्षण अभियान के दौरान जिलाधिकारी राघवेन्द्र सिंह, एसपी उपेन्द्र नाथ वर्मा व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।