बक्सर खबर। लोकसभा चुनाव की सरगर्मी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। ऐसे में चुनावी चर्चाएं भी खूब हो रही हैं। इस बीच लोगों का एक सवाल आम है। पिछले बार कितने लोग चुनाव लड़े थे। उनको कितने मत मिले थे। आई हम आपको बताते हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में कुल 16 उम्मीदवार मैदान में थे। पिछली बार भी नोटा इकलौता एक बैलेट यूनिट पर बैठ कर राज कर रहा था। उस बार कुल 18 लोगों ने नामांकन किया था। लेकिन, बाद में पूर्व सांसद लालमुनी चौबे व ददन यादव के पुत्र करतार यादव ने नाम वापस ले लिया था। इस तरह कुल 16 उम्मीदवार मैदान में शेष रह गए थे।

उस समय भाजपा के अश्विनी चौबे, राजद के जगदानंद सिंह, जदयू से श्यामलाल सिंह कुशवाहा, बसपा से ददन यादव, माकपा से इंदु सिंह, ताफिर हुसैन, परशुराम प्रसाद, प्रदीप कुमार प्रसाद, मुकर्रम हुसैन, मुनिबुर रहमान, राजेन्द्र कुमार सिंह चौहान, शिव कुमार शर्मा, आप पार्टी से श्वेता पाठक, नरेन्द्र प्रताप सिंह, ललन रुप नारायण पाठक, शिव गोपाल चौधरी के बीच मुकाबला हुआ था। पाठकों को पता ही है। इस बार कुल 15 लोग चुनाव लड़ रहे हैं।
इस बार (2019) जो मैदान में हैं। उनके नाम व चुनाव चिह्न जानने के लिए आप यहां क्लिक करें:-??

2009 के चुनाव में 22 उम्मीदवार थे मैदान में
बक्सर खबर। हम अगर बात 2009 के लोकसभा चुनाव की करें तो पता चलता है। उस समय 22 लोग चुनाव लड़े थे। तब राजद के जगदानंद सिंह चुनाव जीते थे। उनके अलावा भाजपा के लालमुनी चौबे, बसपा से श्याम लाल सिंह कुशवाहा, ददन पहलवान, कमलाकांत तिवारी, सुदामा प्रसाद, जय सिंह यादव, कमलेश चौधरी, लल रुप नारायण पाठक, मोहन साह, मुकर्रम हुसैन, प्रतिभा देवी, फूलन पंडित, राजेन्द्र पासवान, राजेन्द्र सिंह मौर्य, सत्येन्द्र ओझा, शिव चरण यादव, श्याम बिहारी बिंद, सुनील कुमार दुबे, सुरेन्द्र कुमार दुबे, सुरेन्द्र कुमार भारती, सुरेश वाडेकर, बिजेन्द्र नाथ उपाध्याय। पिछले दो चुनावों के आंकड़े देखने पर पता चलता है चुनाव लडऩे वालों की संख्या में कमी तो आई है। पर कुछ खास नहीं।