बक्सर खबर : वैसे तो पहले यह पूरा महीना ही भगवान भोले के लिए जाना जाता है। इस मास में उनके दर्शन पूजन का विशेष फल मिलता है। सावन माह के दौरान कुछ तिथियां ऐसी आती हैं। जिस दिन भगवान भोले के दर्शन पूजन करने और उनके निमित व्रत रखने का विशेष लाभ होता है। इनमें प्रमुख तिथि है सावन माह की शिवरात्रि। यह व्रत 21 जुलाई को मनाया जाएगा। सावन माह में इस बार महाशिवरात्रि के साथ प्रदोष व्रत भी है। अर्थात पति की कामना के साथ पुत्र प्राप्ति का व्रत एक साथ। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार यह व्रत करने वाले नर-नारी गृहस्थ आश्रम में हर तरह के वैभव को प्राप्त करते हैं। अगले दिन सुर्योदय के उपरांत पूरे दिन पारण की तिथि है। इस लिए के कोई भी व्यक्ति सुगम तरीके से यह व्रत कर सकता है। इसकी जानकारी पंडित नरोत्तम द्विवेदी ने बक्सर खबर को दी।

यज्ञ का पोस्टर