बक्सर खबर : डुमरांव राज घराने के सफल शासक और लोकप्रिय सांसद महाराज कमल बहादुर सिंह का आज जन्मदिन है। वे नब्बे वर्ष के हो चुके हैं। देश की पहली लोकसभा के सदस्य रहे महाराज के जन्मदिन की बधाई। आइए नजर डालते हैं उनके जीवन पर।

इतिहास प्रसिद्ध परमार राजवंश में महाराजा कमल सिंह जी का जन्म 29 सितम्बर 1926 ई0 में डुमरांव राजमहल में हुआ। स्वo महाराजा रामरणविजय प्रसाद सिंह और महारानी कनक कुमारी के प्रथम पुत्र हैं। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा कर्नल ब्राउन्स पब्लिक स्कूल देहरादून में और स्नातक की शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय में संपन्न हुई। यंहा शिक्षकों में डॉ अमर नाथ झा ,डॉ एस. सी देव, फिराक गोरखपुरी,  प्रो0 भगवत दयाल (अंग्रेजी), डॉ आर. एन त्रिपाठी ,प्रो बी.पी सक्सेना , डॉ ईश्वरी प्रसाद,  डॉ ताराचंद(इतिहास) एवं डॉ वेणी प्रसाद (राजनीति विज्ञान) जैसे भारत प्रसिद्ध विद्वान थे। यहां  उन्होंने अंग्रेजी में दक्षता हासिल की। अध्ययन समाप्ति के पश्चात 9 मई 1946 को राजकीय शान- शौकत के साथ शादी हुयी।  उषा रानी के साथ मंसूरी में प्रणय सूत्र में बधे।  1948 में  डुमराँव इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक के रूप में आपने अपना व्यव्हारीक जीवन प्रारम्भ किया। राज प्रशासन के जेनरल ऑफिसर के रूप में प्रमुख विभागों के संचालन के दायित्व ग्रहण किया। 1949 ई0 में पिताश्री के निधन के पश्चात आप डुमराँव महाराज के रूप में अभिषिक्त हुए। 1952 ई0 के प्रथम आम चुनाव में बक्सर संसदीय क्षेत्र से संसद सदस्य के रूप में निर्वाचित घोषित किये गए। पुनः 1957 ई0 के द्वितीय आम चुनाव में भी आप संसद सदस्य के रूप में निर्वाचित हुए। 1952 में ही जमींदारी उन्मूलन बिल पास हुआ। आपने डुमराँव राज जमींदारी को सरकार को सौप दिया। उधोग् धंधों के विकास में भी इनकी गहरी अभिरुचि थी। पहले से ही स्थापित लालटेन फैक्ट्री के साथ-साथ कोल्ड स्टोरेज,  डुमराँव टेक्सटाइल की भी स्थापना की गई। शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में आपने अपूर्व कार्य करके लोकसेवा की भावना को मूर्त रूप दिया। विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं चिकित्सालयों के लिए इन्होंने खुले मन से भूमि दान की। वैसे भी राज परिवार द्वारा लोक कल्याणकारी कार्य करने की सीख उन्हें विरात में मिली थी। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र इनकी गहरी पकड का परिणाम रहा कि इन्होंने हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ खास किया। राष्ट्रिय स्तर के क्लबों,  संस्थाओं तथा संगठनो से  जुडे रहे। रचनात्मक सोंच और कार्य से महाराज पूरे बिहार में ही नहीं देश में जाने गए। अाज इनका भरापूरा राजपरिवार इनकी मौजूदगी में प्रगति के पथ पर अग्रसर है। 29 सितम्बर 2016 को महाराज  90वां वर्ष कर चुके हैं।

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  1. महाराज बहादुर श्री कमल सिंह जी को उनकी 90 वीं सालगिरह पर हार्दिक बधाई और ढेरों सुभकामनाएँ।
    शाहाबाद की इस पवित्र धरती पर आपका योगदान सराहनीय और क़ाबिले तारीफ़ है। आप सदेओ सूरज की तरह हम सभी को रौशनी प्रदान करते रहें और अंधकार को दूर करते रहें।
    ईश्वर आपको लम्बी आयु, स्वास्थ्य और अनंत सुख दें, यह कामना और प्रार्थना है।