बक्सर खबर : हैदराबाद विश्व विद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या पर देश में खूब राजनीति हुई थी। वे तमाम नेता जमकर बोले थे। जो विपक्ष में हैं। पूरे देश में इसका प्रचार हुआ। वेमुला की मौत से जुड़ी न्यायिक रिपोर्ट सामने आ गयी है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एके रुपनवाला ने अपनी 41 पन्ने की रिपोर्ट सौंप दी है। जिसमें कहा गया है। आरक्षण का लाभ लेने के लिए उसने अपने आप को दलित के रुप में ब्रांडेड किया। 26 वर्षीय छात्र के साथ विश्वविद्यालय में कोई भेदभाव की राजनीति नहीं हुई। उसने हताशा में आत्महत्या की। रिपोर्ट में चार पन्ने जाति से जुड़ी जांच पर हैं। खुद को माला समुदाय का बताकर उसकी मां राधिका ने उप्पलापति दानाम्मा की मदद से जाति का प्रमाणपत्र प्राप्त किया था। जो एक कार्पोरेट व्यक्ति था। यह रिपोर्ट अगस्त माह के अंत में ही आ गयी थी। जिसे संबंधित आयोग के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया था। जांच में यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय द्वारा छात्रावास से निकालना तर्कसंगत था।

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