कुश्ती के लिए मिशाल बना कोपवां का अखाड़ा

0
2399

बक्सर खबर : डुमरांव के कोपवा में स्थित रामदशरथ सिंह अखाडा जिले के लिए मिशाल है। यहां वर्षो तक शिव कुमार सिंह पहलवानी का गुरु सीखाते रहे। आज उनकी याद में कई वर्षो से राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता हो रही है। यहां आने वाले खिलाडी कहते हैं। एेसा आयोजन बिहार के किसी जिले में नहीं होता। इसका श्रेय जाता है मशहूर पहलवान अरुण सिंह को। खूद नौकरी में होने के बावजूद वे समय निकालते हैं। प्रति वर्ष ऐसा आयोजन कराते हैं। मंगलवार को दो दिवसीय प्रतियोगिता के मुकाबले का शुभारंभ करने परिवहन मंत्री संतोष निराला पहुंचे। उन्होंने अखाडा में पहुंच पहलवानों का हाथ मिला प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।

मंत्री ने अपने संबोधन में कहा खेलकूद शरीर को तंदरूस्त रखने के साथ ही समाज को जोड़ने का काम भी करता है। कुश्ती जैसा खेल भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। राज्य सरकार खेल को बढ़ावा दे रही है तथा ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाओं को अपना फन दिखाने के लिए अवसर प्रदान कर रही है। सरकार प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहन दे रही है। ताकि राज्य व देश मेें वे अपना नाम रौशन कर सके। इसके पूर्व आयोजक मंडल ने मंत्री को तलवार व प्रतिक चिंह देकर सम्मानित किया।

कुश्ती में दाव आजमाते पहलवान

राज्य स्तरीय इस कुश्ती प्रतियोगिता में करीब दो दर्जन से अधिक पहलवान सेमीफाइनल में पहुंचे है। इन प्रतिभागियों में चार सदस्यीय निर्णायक मंडल अंतिम दौर के निर्णय आने के बाद चयनित करेगें। जो पहलवान चयनित होगें उन्हें आगामी 15 नवंबर को मध्यप्रदेश के इंदौर में बिहार का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा। पहलवानों के सेमीफाइनल में पहुंचते ही दर्शकों ने जमकर तालियां बजा हौसला अफजाई की। कार्यक्रम का संचालन आईजी टीम के कोच सह अध्यक्ष अरूण सिंह पहलवान ने किया। मौके पर समाजसेवी डा. रमेश सिंह, अरविंद प्रताप शाही उर्फ बंटी शाही, दिनेश सिंह, राजकुमार शर्मा, कुश्ती संघ के प्रदेश अध्यक्ष दशरथ यादव, कामेश्वर सिंह, रामपूजन साहनी, शशिभूषण प्रसाद, मुन्नी राम, रामचरण सहित हजारों दर्शक थे।

विज्ञापन